Narendra Kohli
जब एक उपन्यासकार की कलम, कार्टूनिस्ट की दृष्टि पा जाती है तो एब्सर्ड उपन्यासों की रचना होती है। नरेन्द्र कोहली की इन पांच रचनाओं में आपको उपन्यास का गठन, व्यंग्य चित्रकार की पैनी दृष्टि, एक अनोखा अप्रस्तुत विधान, तीखा करारा व्यंग्य तथा समकालीन जीवन की कुतर्कशीलता अपनी समग्रता से उपलब्ध होगी।सर्वथा नवीन कथ्य, शिल्प, शैली और विधा ! व्यंग्य लेखन का एक नवीन आयाम !इन रचनाओं में आपको व्यंग्य अपनी संपूर्ण गंभीरता में मिलेगा और आप समझ पाएंगे कि व्यंग्य हंसाने के साथ-साथ रुला भी सकता है, घावों को कुरेद भी सकता है तथा व्यक्ति को उसके आक्रोश का जीवंत साक्षात्कार भी करा सकता है।’पांच एब्सर्ड उपन्यास’ नरेन्द्र कोहली की प्रारंभिक रचनाओं में से एक है।