Girirajsharan Dr. Agrawal
कबीर नाम है प्रेम का।कबीर दर्शन है-एकता का, सद्भाव का।कबीर विश्लेषण है-मस्त, फक्कड़ और निडर व्यक्ति का।कबीर संगम है-दो संस्कृतियों का।कबीर का संगम प्रयाग के संगम से ज्यादा गहरा है।वहां कुरान और वेद ऐसे खो गए हैं कि रेखा भी नहीं छूटी।कबीर एक मार्ग है-सहजता का।ऐसा मार्ग जो सीधा और साफ है।कबीर क्रांतिकारी हैं-क्रांति की जगमगाती प्रतिमा।जाति-पांति के भेद भावों से मुक्त एक सच्चा इंसान।मानवता के संकल्प से ओतप्रोत। ज्ञान की गंगा।ऐसी गंगा जो अपनी संपूर्ण पावनता के साथ एक-एकमन को शीतल करती हुई निरंतर प्रवाहित रहती है।कबीर समर्पण की सही पहचान है।अहंकार से लाखों कोस दूर।ऐसे सहज और क्रांतिकारी संत कवि महात्मा कबीर के जीवनऔर काव्य से परिचित कराने का संकल्प लेकरसमर्पित है प्रस्तुत पुस्तक ट्टमहात्मा कबीर’।